एमबीएम न्यूज़ / हमीरपुुर
एसडीएम भोरंज के आदेशों के बाद भोरंज का पीडब्लयूडी विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भरेड़ी बाजार से गुजरने वाली नालियों को सुधारने का काम चालू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि उपमंडल भोरंज के भरेड़ी कस्बे की नाली का गंदा पानी उसमें शीशे कांच के टुकड़े, सिरिंज व अन्य कूड़ा करकट जो कि पलही गांव के किसानों की लगभग 80 कनाल भूमि को बंजर बना रहा है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा वर्ष 2013 से जिला प्रशासन से की जा रही है। अभी तक भी उसका कोई उचित समाधान नहीं हो पाया है । दो दिन पहले ही भोरंज प्रशासन ने भरेड़ी में मौके का मुआयना किया था। पीडब्ल्यूडी विभाग को नाली को सुधारने उसमें से मलवा निकालने और जाली लगाने के निर्देश दिए थे।

जेबीसी और ट्रक लगवा कर नाली को साफ करते PWD के कर्मचारी

इससे पहले भी पीडबल्यूडी विभाग को लोगों ने कई बार नाली को सुधारने के लिए कहा था। लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एसडीएम भोरंज के आदेशों के तहत सोमवार को विभाग ने नाली से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। भरेड़ी कस्बे की बंद नाली से लोक निर्माण विभाग ने एसडीएम भोरंज संदीप सूद के निर्देशों के बाद नाली को विभाग की जेवीसी और ट्रक लगाकर साफ कर दिया है।
भरेड़ी कस्बे में बाजार से होकर गुजरने वाली नाली से बाजार के गंदे पानी, पॉलीथिन, कांच व अन्य कचरे से साथ लगते गाँव पलही के ग्रामीणों के खेतों में जाने से हो रहे नुक्सान से निजात दिलाने के लिये शुक्रवार को एसडीएम भोरंज संदीप सूद की अगुवाई में भरेड़ी बाजार का दौर किया। पलही के ग्रामीणों को आ रही परेशानी का बीडीओ कीर्ति चन्देल, लोकनिर्माण विभाग के जेई को स्थानीय व्यपार मण्डल के साथ बैठकर शीघ्र हल निकालने के आदेश जारी किये थे। वर्ष 2014 में उक्त नाली की बाजार से लेकर भरेडी स्कूल के पीछे से होकर आधे खेतों तक पक्का किया था। नाली का निर्माण चैथ खड्ड तक किये जाना था।
लेकिन कुछ ग्रामीणों ने नाली का निर्माण कार्य बंद करवा दिया। जिससे नाली का काम अधूरा रह गया। और भरेड़ी बाजार का सारा गंदा पानी, पॉलीथिन, कांच व अन्य कचरे से साथ लगते गाँव पलही के ग्रामीणो के खेतों में जा पहुंचता था। जिसकी शिकायत स्थानिय गाँव के लोगों ने जिलाधीश हमीरपुर को की थी पर कार्रवाई अमल मे लाते हुए लोक निर्माण विभाग ने जेबीसी और ट्रक लगवा कर नाली को साफ करवा दिया और अब इस पर जाले लगाए जाएंगे।

Share.

About Author

Leave A Reply