अभिषेक मिश्रा/ बिलासपुर

सरकारी आवासों का दुरूपयोग अथवा सबलेट करने वाले कर्मचारियों को अब बक्शा नही जायेगा। उपायुक्त बिलासपुर को इस बारे में शिकायत मिली थी कि कई लोगो को जिन्हें सरकारी आवास मिले थे उन्होंने इन आवासों को आगे सबलेट कर दिया है। जिस पर उपायुक्त ने कडा संज्ञान लेते हुए एक समिति का गठन किया है जिसमे तीन सदस्य है।
यह टीम सरकारी आवासों की जांच करके अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी। जिसके बाद यदि इस प्रकार का कोई मामला ध्यान में आता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने यह जानकारी देते हुए कहा कि उनके ध्यान में लाया गया है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों को सरकारी आवास आबंटित किए गए है लेकिन उन्होंने आबंटित सरकारी आवासों को अन्य लोगों को सबलेट कर दिया गया है जिसके बारे में शिकायत प्राप्त हुई हैं।
जिसका कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्होंने तहसीलदार सदर कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद व एक पुलिस अधिकारी की संयुक्त कमेटी का गठन किया है। कमेटी सरकारी आवासों का गहनता से निरीक्षण करेगी तथा निर्धारित अवधि में रिर्पोट प्रस्तुत करेगीे। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय प्रशासन के अधीन लगभग 500 से भी अधिक अलग-अलग श्रेणियों के सरकारी आवास है जो यहां कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास सुविधा प्रदान करने के उदेश्य से समिति द्वाराआबंटित किए गए है।
उन्होंने बताया कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी अथवा अधिकारी अपने सरकारी आवास को सबलेट करने का दोषी पाया जाता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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