आश्रय के सिराज से चुनाव लडऩे की घोषणा पर युवा मोर्चा ने कसा तंज
मंडी (वी कुमार) : सुख राम के पोते व केबिनेट मंत्री अनिल शर्मा के पोते आश्रय शर्मा जो प्रदेश कांग्रेस के सचिव भी हैं के सिराज विधानसभा से चुनाव लडऩे की घोषणा को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने हास्यस्पद करार दिया है। मोर्चा के महामंत्री प्रशांत शर्मा ने रविवार को हिमालयन कैफे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी कहीं से भी चुनाव लडऩे का हक है मगर कई बार कुछ लोग ऐसी हास्यास्पद बातें कर देते हैं जो समझ से परे होती हैं।
        उन्होंने बीते दिन पंडित सुख राम के पोते व केबिनेट मंत्री व मंडी सदर से विधायक अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा द्वारा सिराज से चुनाव लडऩे के एलान कोई इसी तरह का एक हास्यास्पद एलान करार दिया और दावा किया कि आश्रय ने यह सब मंडी सदर में अपने दादा व पिता के घटते जनाधार को देख कर निर्णय लिया होगा। घटते जनाधार से भ्रष्टाचार में लिप्त रहा सुख राम का परिवार बौखला गया है और अब सदर को छोड़ कर इधर उधर भटकने लगा है।
        मोर्चा ने आश्रय से सवाल किया कि सिराज से लडऩे का निर्णय तो उन्होंने ले लिया मगर क्या वे सिराज की भौगोलिक परिस्थितियों को जानते भी हैं। सिराज जय राम ठाकुर का क्षेत्र है जो वहां से चार बार लगातार कांग्रेस को हराकर जीत चुके हैं। उनके विधायक बनने से पहले यह क्षेत्र बेहद पिछड़ा व दयनीय स्थिति वाला था मगर अब इसमें रात दिन का फर्क आ गया है। अब तो सिराज का लगभग हर गांव सडक़ से जुड़ गया है, सिराज अब पहले जैसा नहीं रहा।
        मोर्चा महामंत्री ने आश्रय से कहा कि सिराज में कांग्रेस के प्रत्याशी टिकट लेकर चुनाव तो लड़ लेते हैं मगर उनकी पहली चुनौती अपनी जमानत को बचाने की होती है। आश्रय से कहा कि वह सिराज जरूर
जाएं, चुनाव लड़ें मगर अपने कद और राजनीतिक हैसियत को देख लें व जमानत बचा कर आएं, कहीं ऐसा न हो दूसरे कांग्रेसी नेताओं की तरह जमानत जब्त हो जाए और मंडी सदर के लोगों को एक बार फिर से शर्मिंदा होना पड़े जैसे कि सुख राम के मामलों में हुआ था। युवा मोर्चा के महामंत्री ने आश्रय से कहा कि उनके पिता अनिल शर्मा के पास पंचायती राज व पशुपालन विभाग है, जिसकी हालत प्रदेश भर में दयनीय है।
        अनिल शर्मा सदर क्षेत्र में पांच साल के दौरान एक भी विकास कार्य करवाने में सफल नहीं हुए हैं जो भी काम चले हैं या हुए हैं वह केंद्र सरकार के बजट से हो रहे हैं। मोर्चा ने अनिल शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले दिनों उन्होंने कुल्लू दौरे के दौरान वहां के विधायकों से कहा था कि अगर सडक़ें देखनी हैं तो मंडी आकर देखना, शायद उन्होंने सच ही कहा था उन्हें कुल्लू से विधायकों को लाकर मंडी की खस्ताहाल सडक़ें दिखानी चाहिए।
         मोर्चा ने आश्रय से कहा कि उनके पिता अनिल शर्मा तो जगह जगह पंडित सुख राम के कामों की ही चर्चा करते हैं अपनी उपलब्धियां नहीं बताते, जबकि सुख राम के कारनामों को तो मंडी सदर की जनता जानती है, उनकी हर बात से वाकिफ है, लोगों को यह भी पता है कि टाइलों के नीचे भी नोट निकलते हैं, यदि कुछ काम किया है तो अनिल शर्मा अपनी उपलब्धियां लोगों को बताएं। मोर्चा ने आश्रय के एलान को मंडी सदर में सुख राम के परिवार द्वारा जनाधार खो जाने से इधर उधर झांकने की संज्ञा दी। इस मौके पर युवा मोर्चा के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
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