कांगड़ा/आशीष शर्मा : पंजाब के बाद अब जिला में डेंगू ने दस्तक दे दी है। जिला में डेंगू के दो मामले सामने आए हैं। एक इंदौरा क्षेत्र और दूसरा नूरपुर का बताया जा रहा है। मंगलवार को टांडा में डेंगू की जांच के लिए सात सैंपल लिए गए थे जिनमे से दो में डेंगू के लक्षण पाए गए है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इंदौरा क्षेत्र में लोग डेंगू से ज्यादा डरे हुए हैं। इसका कारण यह है कि इंदौरा के अधिकतर लोग हर रोज पठानकोट की ओर जाते हैं।

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पठानकोट में इस समय डेंगू के एक हजार के करीब मरीज हैं। यहां के लोग पठानकोट में जांच करवाने के लिए इसलिए मजबूर हैं, क्योंकि यदि किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें होमोग्लोबिन टेस्ट करवाने के लिए टांडा मेडिकल कालेज ही आना पड़ता है, नूरपुर में अभी यह सुविधा नहीं है। ऐसे में इन लोगों को पठानकोट ज्यादा नजदीक पड़ता है। 

उधर, टांडा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मोहन ने बताया मंगलवार को डेंगू की जांच के लिए सैंपल आए थे और दो लोगों में लक्षण पाए गए हैं। डेंगू के लक्षण सिर दर्द, जी मचलाना, उल्टी होना, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, मांसपेशियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकते हो तो तुरंत इलाज करवायें। 

डेंगू से बचने के लिए बर्तनों को ढक कर रखें, मच्छरदानी में ही सोएं, एडीज मच्छर दिन में काटता है, पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। डेंगू बुखार के उपचार के लिए कोई विशेष दवा नहीं है। डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

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