एमबीएम न्यूज़/कुल्लू
राजकीय महाविद्यालय आनी (हरिपुर) में नहीं सुविधाएं होने के कारण एसएफआई ने चक्का जाम कर दिया है। हालांकि पांच दिनों से मांगों को लेकर एसएफआई हड़ताल पर बैठे थे। लेकिन सरकार और उनके हुकमरानों पर कोई असर नहीं दिखा। लिहाजा, शनिवार को एसएफआई ने चक्का जाम कर दिया। गौर रहे कि आनी कॉलेज में प्राध्यापकों के कई पद खाली चल रहे हैं। एसएफआई सरकार से इन्हें भरने की मांग कर रही है, लेकिन सरकार और विभाग इस पर कोई गौर नहीं फरमा रहा है।

लिहाजा, इस चक्का जाम में जिला शिमला के सचिव बंटी, उपाध्यक्ष विक्रम राज, जिला सह सचिव ओमी, जिला छात्रा समिति की संयोजक रजनी, लोकल कमेटी रामपुर की अध्यक्षा नेहा, उपाध्यक्ष राहुल, सह सचिव पप्पू, इकाई सचिव भागे राम, अध्यक्ष श्याम लाल, उपाध्यक्ष रीना, सह सचिव विक्की, प्रेम सिंह, मोनू, सर्वदयाल, योगु, ललित, आदि, सैकड़ों क्रांतिकारी साथी मौजूद रहे। बंटी ने बताया कि आज पूरे देश और प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार घट रहा है। जिसका कारण है प्रदेश का शिक्षा बजट और स्कूल और कॉलेजों में रिक्त पड़े अध्यापक और प्राध्यापकों के पद।

प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले छात्र समुदाय और जनता से बड़े बड़े वादे किए थे कि छात्रों को जो दिक्कते आ रही है। रूसा सिस्टम जैसे सिस्टम को बंद किया जाएगा परंतु सत्ता में आते ही अपने वादों को ही दरकिनार कर दिया है। हम देखते है कि स्टाफ की दिक्कत न केवल आनी बल्कि पूरे प्रदेश में यह दिक्कत बन गई है,  ये सरकार की नाकामी को  दर्शाता है। सरकार छात्र को ही गुमराह कर रही है। असल मुद्दों से भटका रही है। सिवाय आश्वासनों के कुछ भी प्राप्त नही हो रहा। 

एसएफआई आनी इकाई की जो क्रमिक भूख हड़ताल चली थी सत्र के समाप्त होने की वजह से इस हड़ताल को एसडीएम महोदय के आश्वासन के बाद अगले सत्र तक के लिए स्थगित किया गया है। अगर आने वाले समय मे भी प्राध्यापकों के रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो एसएफआई आने वाले समय मे इकाई आंदोलन और आमरण अनशन करते हुए प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज करेगी।  

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