जीता सिंह नेगी/ रिकांगपिओ 

   प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जनजतीय क्षेत्रों के साथ अनदेखी कर रही है। जबकि मुख्यमंत्री जनजातीय क्षेत्रों को मिलने वाले हेलीकॉप्टर का प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे है। रिकांगपिओ में पत्रकार वार्ता करते हुए पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं किन्नौर विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजतीय क्षेत्रों लाहौल स्पीति, किन्नौर, पांगी-भरमौर में आपदा के समय मुसीबत की स्थिति में हेलीकॉप्टर मुहैया करवाया है। लेकिन भाजपा शासन में वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दस किलोमीटर दूर भी जाना हो तो जनजातीय क्षेत्र का हेलीकॉप्टर इस्तेमाल कर रहे है। इस अवसर कांग्रेस प्रवक्ता डॉक्टर सूर्या बोरस, महासचिव निर्मल चंद्र, प्रदेश सचिव कांग्रेस कुलवंत नेगी, देवेंद्र नेगी, नरेंद्र नेगी, विद्या सिंह उपस्थित थे।

    नेगी ने कहा कि जनजतीय क्षेत्रों का ज्वलंत मुद्दा नातोड़ मामला है। इन क्षेत्रों में नातोड़ वन सरंक्षण अधिनियम 1980 की अवधि 2 दिसंबर को समाप्त हो गई है, लेकिन प्रदेश सरकार इस अवधि को बढ़ाने के लिए ठोस निर्णय नहीं ले रही है। इससे जनजतीय क्षेत्रों में करीब बीस हज़ार नातोड़ के मामले ठप्प पड़े है। इसी नातोड़ की प्रक्रिया अवधि को बढ़ाने के लिए किन्नौर कांग्रेस ने 19 दिनों तक क्रमिक भूख हड़ताल की थी। वही मुख्यमंत्री के किन्नौर दौरे पर काले झंडे से स्वागत करने का भी निर्णय लिया गया। मगर जिला प्रशासन व सरकार के दखल के बाद काले झंडे दिखाने का निर्णय वापिस लिया गया। नेगी ने कहा कि किन्नौर के ज्वलंत मुद्दे को लेकर शिमला में मुख्यमंत्री से भी मिले।

   किन्नौर के सभी ज्वलंत मुद्दे जिस में नॉतोड़ मामले,बहुतकनीकी संस्था व किन्नौर में विकास के कार्य को शीघ्र करने भी है, मुख्यमंत्री ने सभी मांगो को  शीघ्र पूरा करने का आश्वसन दिया था। मगर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि नातोड़ मामला विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस ने उठाया था। नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में जो वक्तव्य दिया, वह जनजातीय क्षेत्रों को गुमराह करने वाला था। कांग्रेस जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नातोड़ का हक दिला कर रहेगी। इसके लिए चाहे कानूनी लड़ाई लड़नी पड़े या मामला सदन में भी उतारना पड़े। 

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