अभिषेक मिश्रा/बिलासपुर

  राज्य पत्रकार महासंघ की वार्षिक राज्य स्तरीय बैठक महासंघ के राज्य अध्यक्ष जयकुमार की अध्यक्षता में स्थानीय परिधि गृह में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न जिलों से भारी संख्या में प्रतिनिधियों व सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दिए जाने वाले 15 सूत्रीय मांग पत्र को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान करते हुए शीघ्र ही राज्य कार्यकारिणी का एक शिष्ट मंडल शिमला में मुख्यमंत्री से मिला कर पत्रकारों की विभिन्न कठिनाइयों, असुविधाओं और मांगों की ओर ध्यान दिलाने का निर्णय भी लिया गया। बैठक के बाद जयकुमार ने कहा कि इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पांच दर्जन से अधिक पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लिया।  एक स्वर से प्रदेश के विभिन्न भागों में कार्यरत पत्रकारों के बीच मान्यता के संदर्भ में भेदभाव और वर्गीकरण किए जाने को बिलकुल अनुचित और असंवैधानिक बताते हुए प्रदेश भर में सभी पत्रकारों, चाहे वह किसी भी स्थान पर कार्यरत हों, को एक समान सुविधाएं दिए जाने का आग्रह किया गया।

        अन्य मांगों में 20 वर्ष के बाद पत्रकारिता का कार्य छोड चुके अथवा पत्रकारिता से सेवानिवृत हो चुके पत्रकारों को अन्य कुछ प्रदेशों की भांति पेंशन देने और उन्हें वरिष्ठ पत्रकार घोषित करते हुए कार्यरत मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह पहचान पत्र जारी करके सभी प्रकार की सुविधाएं दिये जाने, पत्रकार या उसके परिवार के किसी सदस्य की किसी भी प्रकार की बीमारी के लिए प्रदेश और प्रदेश से बाहर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने, सरकार द्वारा संचालित पत्रकार कल्याण कोष की कड़ी शर्तों को हटा कर इस कोष को सक्रिय करके संबंधित पत्रकारों को उपयुक्त आर्थिक सुविधा उपलब्ध करवाने, पत्रकारों पर होने वाले हमलों और धमकियों आदि की तुरंत उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में पत्रकार सुरक्षा कक्ष स्थापित करने, प्रदेश और प्रदेश के बाहर चलने वाली हिमाचल की सरकारी व गैर सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधान उपलब्ध करवाने, सरकार द्वारा नियुक्त दो स्तरीय पत्रकार स्लाहकार समिति और पत्रकार मान्यता समिति में महासंघ के तीन सदस्यों को प्रतिनिधित्व देने, राज्य सरकार द्वारा संचालित पत्रकार दुर्घटना बीमा योजना समाप्त करके पत्रकार स्वर्गवास बीमा योजना आरंभ करने और पिछले कोई एक वर्ष से एकाएक बंद कर दी गई विभिन्न विभागों की जिलाधीश की अध्यक्षता में होने वाले प्रैस से मिलये कार्यक्रम को दोबारा चालू करने, हर वर्ष प्रदेश से बाहर के समाचार पत्रों को दिए जाने वाले विज्ञापनों की राशि का पांच प्रतिशत भाग राज्य पत्रकार कल्याण कोष में डालने तथा प्रदेश के कुछ भागों में पत्रकारों के विरुद्ध घड़े गए झूठे पुलिस केसों को तुरंत वापिस लेने आदि की मांगें की गई।

     एक सर्व सम्मत प्रस्ताव में सुंदरनगर के वरिष्ठ पत्रकार वेद शर्मा के साथ अर्ध रात्रि के समय उनके आंगन में घुस कर पुलिस द्वारा किए गए बुरे व्यवहार व गाली-गलोच करने पर खेद व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री से इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने का आग्रह किया। बैठक ने निर्णय लिया कि इससे पूर्व विवशतावश दो बार स्थगित किए गए पत्रकार महासंघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन को या तो अप्रैल मास में या फिर चुनाव के बाद बिलासपुर नगर में ही आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्यातिथि होंगे।

    बैठक में अन्यों के अतिरिक्त सिरमौर से सैलेश सैनी और ठाकुर जितेंद्र, कुल्लू से प्रताप अरनोट, शिवराज शर्मा और देवेन्द्र गुप्ता, मंडी जिले से महेश शर्मा, अश्विनी सैनी, वेद शर्मा, भीम सिंह परदेशी, रोशनलाल शर्मा, रणजीत सिंह ठाकुर, ऊना जिले से महेश गौतम, हरमीरपुर जिले से वेद शर्मा, नेरेन्द्र गुप्ता, बिलासपुर जिले से बृज लाल शर्मा, अरुण चंदेल, सोलन से रत्न चंद निर्झर, पवन राही, वरिष्ठ पत्रकार शक्ति उपाध्याय, अजय उपाध्याय, सीमा राव, विशाल ठाकुर, पवन चंदेल, संजय शर्मा, रणजीत वर्धन, अभिषेक मिश्रा, गोविंद घोष, संदेश सिंह, एहसान अख्तर, विपिन चंदेल, आर के मिश्रा, रणजीत कुमार, काश्मीर सिंह ठाकुर, लाल चंद भारद्वाज, रोहित ठाकुर, अशोक कुमार, पवन ठाकुर, राजेन्द्र कुमार, गोपाल शर्मा, सुरेन्द्र मिनहास, अरुण डोगरा और संतोष धीमान आदि ने भाग लिया।

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