एमबीएम न्यूज़/शिमला
शिमला पहुंचे कांग्रेस पार्टी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मेनिफोस्टो कमेटी के सदस्य सचिन राव ने मोदी सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं को खत्म करने का आरोप लगाया और कहा कि इन संस्थानों को केंद्र से मिलने वाले फंड में लगातार कटौती की जा रही है। यहां पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांग्रेस में सचिन ने कहा कि मोदी सरकार पंचायती राज संस्थाओं का मजबूत बनाने की बजाय इन्हें कमजोर करने पर तुली है।

                              प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सचिन

              उन्होंने कहा कि पंचायती राज से ग्रामीण जनता को काफी अधिकार मिला है। लेकिन केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान सरकार संवैधानिक संस्था को कमजोर कर विकास विरोधी कार्य कर सिर्फ कागजी विकास कर रही है। पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का अधिकार कम कर गांव की विकास को अवरूद्ध करने का काम किया जा रहा है। केंद्र ने बीडीसी और जिपा को मिलने वाला फंड भी बंद कर दिया है। मोदी सरकार की मंशा पंचायती राज संस्थाओं को धीरे-धीरे खत्म करने की है।
            सचिन राव ने कहा कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र के लिए एआईसीसी ने एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी के 20 सदस्य देश के विभिन्न हिस्सों में घूमकर पंचायत प्रतिनिधियों व जनता से उनके सुझाव मांग रहे हैं। हिमाचल के पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भी कई मुददों पर अपने सुझाव दिए हैं। इन्हें कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में सम्मिलत करेगी।
             प्रैस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की जयराम सरकार भी केंद्र की तर्ज पर पंचायतों को कमजोर बना रही है। सरकार ने पंचायतों के माध्यम से प्रोजेक्ट लगाने के लिए मिलने वाली एनओसी की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों के कामों में सरकार अड़ंगा अड़ा रही है और इन पर राजनीति से प्रेरित झूठे केस बनाए जा रहे है।
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