नितेश सैनी/मंडी 
जिला प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन की बैठक लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह सुंदरनगर में अध्यक्ष विरेंद्र सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई। जिसमें 10 सितंबर को होने जा रही हड़ताल को यूनियन ने पूरा समर्थन किया है। वीरेंद्र गुलेरिया का कहना है ऑपरेटरों ने बैंक से कर्जा लेकर बसें डाली हैं, अगर यह रवैया प्रदेश सरकार का यूं ही रहा तो बस ऑपरेटर आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा। जिसके लिए पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में प्रदेश सरकार को चेताया है, कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले लोकसभा चुनावों में जिला प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन पूरी तरह से चुनावों का बहिष्कार करेगी।
               गुलेरिया ने कहा कि पहले भी ऑपरेटरों की मांगों को नहीं माना गया है और उनकी अनदेखी की गई है। इस बात का खामियाजा पूर्व की कांग्रेस सरकार भुगत रही है अगर वर्तमान सरकार ने भी अपना रवैया बस ऑपरेटरों के प्रति यूं ही रखा तो आने वाले लोकसभा चुनाव में भी उनको ऑपरेटर यूनियन आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि आज डीजल 72.52 रुपए हैं और किराया वहीं 2013 का है आज हमारा किराया 1.45 रुपए प्रति किलोमीटर है।
             उन्होंने कहा कि यूनियन की मुख्य मांगे है, कि ग्रीन टैक्स और अन्य टैक्स है, वह न्यूनतम किराया 10 रुपए हो और वर्तमान किराए पर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो। सड़कों की हालत भी दयनीय है। इसके बाद बस अड्डों पर पर्ची में अड्डा फीस में भी अत्यधिक बढ़ौत्तरी हो चुकी है, हमारा व्यवसाय समाप्त होने जा रहा है।  इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा है कि यह संगठन गैर राजनीतिक है इसका कल के भारत बंद से कोई भी लेना-देना नहीं है। क्योंकि यह हमारा रोजी रोटी का मसला है।
              बैठक में चेयरमैन एनआर चौहान, सचिव भूपेंद्र रावत, कैशियर विनोद रावत, रूपलाल, महेंद्र पाल, महेंद्र कुमार, जसवंत कुमार, नरेश राघवा, दिनेश चौधरी, गुलशन कुमार समेत भारी संख्या में ऑपरेटर यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने इस हड़ताल के लिए आमजन से सहयोग करने की अपील की है।
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