एमबीएम न्यूज़/ऊना

आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में स्पेशल कोर्ट के जज डीआर ठाकुर ने सजा सुनाते हुए दोषी को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 12 हजार जुर्माना अदा करने होगा। दोषी की पहचान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के टोला हुडरा गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। कोर्ट ने जिला मैजिस्ट्रेट को भी पीडि़ता को दो लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं।

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           केस की पैरवी करने वाले जिला न्यायवादी अशोक कुमार धीमान ने बताया कि 23 मार्च 2016 को पीडि़ता की माता अपने अन्य बच्चों के साथ सामान लाने के लिए बाजार गई थी, जबकि पीडि़ता को अपनी झुग्गी में छोड़ गई। वापिस आने पर उसने धर्मेंद्र को झुग्गी से बाहर निकलते देखा। महिला ने अंदर जाकर अपनी बेटी से उसके आने के बारे में पूछा तो पीडि़ता ने अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में मां को बताया। उसने फौरन थाना गगरेट पहुंच आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल करवाया, जिसमें उसके साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हो गई। गगरेट के तत्कालीन थाना प्रभारी गौरव भारद्वाज ने मामले की जांच की। अभियोजन की तरफ से कोर्ट में 21 गवाह पेश किए गए।
          अशोक कुमार धीमान ने बताया कि स्पेशल कोर्ट के जज डीआर ठाकुर ने धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए धारा 452 के तहत 5 साल कठोर कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माना, धारा 376 के तहत10 साल कठोर कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना व पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10 साल कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को एक साल साधारण कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 357 के तहत डीएम को आदेश जारी करते हुए पीडि़ता को 2 लाख रुपए मुआवजा देने के को भी कहा है।
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