एमबीएम न्यूज़ /नाहन
दशमेश रोटी बैंक के तहत आज ऐतिहासिक गुरूद्वारा श्री दशमेश अस्थान साहिब नाहन में जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष स्वेच्छा से सेवानिवृत हुए शिक्षक सरबजीत सिंह ने की। इस दौरान सरबजीत सिंह ने कहा कि सोसायटी का प्रयास है कि जरूरतमंद गरीब लोगों को आसानी से भर पेट भोजन उपलब्ध हो। इसी के तहत दशमेश रोटी बैंक की शुरूआत की गई है।

दशमेश रोटी बैंक के पदाधिकारी जरूरतमंद लोगों को राशन बांटते हुए

     उन्होंने बताया कि पिछले 5 माह में करीब 200 से अधिक परिवारों को नि:शुल्क राशन व कपड़े आदि वितरित किए गए है। उन्होंने बताया कि दशमेश रोटी बैंक यह क्रम आगे भी जारी रखेगा। प्रत्येक माह जरूरतमंद लोगों को सर्वे के तहत एकत्रित किया जाता है और उन्हें राशन मुहैया करवाया जाता है। इसी कड़ी में आज भी 4 दर्जन से ज्यादा परिवारों को राशन बांटा गया है।
    इस अवसर पर सोसायटी के महासचिव दलीप सिंह, गुनीत कौर, परमीत सिंह, अरविंद्र सिंह, रणधीर सिंह, पप्पु सिंह, मोनु सिंह, प्रभजोत सिंह, गुरबचन सिंह निक्का, अमरजीत सिंह, परम सिंह आदि उपस्थित थे।
दिव्यांग व विधवा महिलाओं को घर द्वार पर उपलब्ध करवाते है राशन
सोसायटी के उपाध्यक्ष दलबीर सिंह ने बताया कि आज विधवा महिलाओं, दिव्यांग परिवारों समेत जरूरतमंद लोगों के परिवारों को राशन वितरित किया गया है। जिसमें आटा, चावल, चीन्नी, दालें, रिफाइंड तेल, नमक आदि वितरित किया है। कई परिवार ऐसे भी है जो राशन लेने नहीं आ पाते। जिनमें विधवा महिलाएं व दिव्यांग परिवार शामिल है।
      महिलाएं सुबह काम पर जाने के कारण राशन लेने नहीं आ पाती तो वहीं दिव्यांग परिवार भी राशन नहीं ले जा पाते। जिन्हें रोटी बैंक के सदस्य घर घर जाकर राशन बांटते है। दलबीर सिंह ने बताया कि जहां 4 दर्जन से ज्यादा परिवारों को राशन वितरित किया गया वहीं आज भी एक दर्जन परिवारों को घर घर जाकर राशन बांटा गया है।
     उन्होंने बताया कि रोटी बैंक से ज्यादातर विधवा महिलाओं के परिवारों को जोड़ा जा रहा है। जो मंहगाई के दौर में अपने बच्चों का पालन पोषण करने को लेकर कड़ी मश्कत कर रही है। ऐसे परिवारों को नि:शुल्क राशन आज बांटा गया है। वहीं कई परिवारों के पास राशन कार्ड भी न होने के चलते उन्हें उचित मूल्य से भी सस्ते दामों पर राशन नहीं मिल पाता। जिन्हें रोटी बैंक के तहत नि:शुल्क राशन दिया जा रहा है।
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