एमबीएम न्यूज़ / हमीरपुर
    सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के तबादलों के बाद रिक्त पद न भरे जाने को लेकर विधायक राजेंद्र राणा तल्ख हो गए हैं। कई दिनों से लगातार यह मामला उठा रहे विधायक राजेंद्र राणा ने अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर न केवल। गहरा रोष व्यक्त किया है बल्कि यह अल्टीमेटम भी दिया है, कि अगर 2 जुलाई तक सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े डॉक्टरों के 11 पद नहीं भरे गए तो 4 जुलाई को हमीरपुर में डीसी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। 
   जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। राजेंद्र राणा ने अपने इस पत्र की प्रतियां स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ए हमीरपुर के जिलाधीश व सीएमओ को भी प्रेषित की हैं। पत्र में राजेंद्र राणा ने कहा है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सिविल हस्पताल सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के सभी पद भरे हुए थे। मगर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद राजनीतिक कारणों से एक के बाद एक डॉक्टरों के तबादलों का सिलसिला जारी रहा। इस समय पूरे विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के 11 पद खाली पड़े हैं।
   उन्होंने कहा कि कई पीएचसी तो ऐसे हैं, जहां एक भी चिकित्सक नहीं है ।  जिससे जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने पत्र में लिखा है कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में एक भी डॉक्टर नहीं है, वहां कम से कम एक चिकित्सक की तैनाती तो होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से भी सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की तैनाती को लेकर आग्रह किया गया था । 
   मगर नतीजा शून्य रहा। पत्र में राजेंद्र राणा ने यह भी लिखा है कि उन्होंने अपने प्रयासों से निजी क्षेत्र से हमीरपुर जिला अस्पताल को दो डायलिसिस मशीनें डोनेट करवाई थी। मार्च में उन्होंने विधानसभा में इन मशीनों को चालू करके रोगियों को इनका लाभ देने का आग्रह किया था तो उनके सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में यह भरोसा दिलाया था कि टेक्नीशियन रखकर 30 अप्रैल तक इन मशीनों को चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दी गई डेडलाइन भी गुजरे हुए अब 2 महीने होने को हैं। 
    मशीनें वैसी की वैसी पड़ी धूल फांक रही हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री झूठ बोलकर सदन को गुमराह कर सकते हैं तो आखिर सरकार में किस पर विश्वास किया जाए। राजेंद्र राणा ने पत्र में यह भी लिखा है कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता के वह प्रतिनिधि हैं और जनता के हित की लड़ाई लडऩा उनका दायित्व है।
    उन्होंने कहा प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक कारणों से सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से डॉक्टरों के तबादले करके सभी स्वास्थ्य संस्थान खाली कर दिए गए हैं जिससे जनता परेशान है।  राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार घर द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का ढोल पीट रही है और दूसरी तरफ सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुजानपुर की जनता यह जानना चाहती है कि सरकार द्वारा उन्हें किस बात की सजा दी जा रही है और किस लिए उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
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