एमबीएम न्यूज़ /मंडी 
   पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा मंडी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने का सस्पेंस ख़त्म हो चूका है। क्यों की वीरभद्र सिंह ने बिलकुल साफ कर दिया है की वो हाईकमान के बोलने पर भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। वही अब लोकसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी में सब से ऊपर पूर्व स्वस्थ्य मंत्री व द्रग विधानसभा से विधायक रहे कौल सिंह ठाकुर, बल्ह विधानसभा से विधायक व कैबिनेट मंत्री रहे प्रकाश चौधरी, सुंदरनगर से विधायक व सीपीएस रहे सोहन लाल ठाकुर व कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वर्गीय करण सिंह के सपुत्र आदित्य विक्रम सिंह का नाम चर्चा में सब से ऊपर चल रहा है।

  मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस के संभावित उमीदवार

    2017 के चुनाव में कौल सिंह ठाकुर की एक बड़े अंतर से हार हुई थी। मगर चुनावों के बाद उन्होंने आरोप भी लगाया था की मुझे कांग्रेस के ही नेताओ ने साजिश के तहत हराया है आप को बता दे की कौल सिंह ठाकुर का पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के साथ उतना अच्छा रिश्ता नहीं रहा है। वही दूसरी तरफ 2017 के विधानसभा के चुनाव में चुनाव लड़ कर अपनी राजनीती की शुरुआत करने वाले आदित्य विक्रम सिंह को हार का सामना तो करना पड़ा लेकिन उन की हार बहुत कम वोटो के अंतर से हुई थी। वही अब एक तरफ कांग्रेस हाईकमान सीनियर तीन नेताओ पर दांव खेलने की तैयारी में है तो दूसरी तरफ युवा नेता आदित्य विक्रम सिंह पर भी दांव खेल सकती है, क्यूंकि कांग्रेस हाईकमान साफ कर चूका है की युवा नेताओ को तैयार किया जायेगा।
   आप को बता दे की आदित्य विक्रम सिंह 2012 से मंडी लोकसभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष है। सभी विधानसभाओ में युवा होने के नाते अपनी मजबूत पकड़ रखते है। सूत्रो के अनुसार पूर्व केबिनेट मंत्री रहे स्वर्गीय करण सिंह की कांग्रेस हाईकमान व पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के साथ अच्छी पैठ रही है। बताया जा रहा है की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुखु भी उनके के लिए पैरवी करते हुए नजर आ रहे है। इसलिए अब कांग्रेस हाईकमान वोटरो को रुझाने के लिए युवा नेता तो दूसरी तरफ राजनीती में माहिर तीन बड़े नेताओ पर दांव खेल सकती है। अब देखना होगा हाईकमान किस पर दांव खेलेगी और भाजपा को मंडी लोकसभा से हराने की रणनीति तैयार करेगी।
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