नाहन(एमबीएम न्यूज़ ):  जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त जिला बीसी बडालिया ने कहा कि विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न उम्मीदवारों से संबंधित विज्ञापनो एवं पेड न्यूज पर निर्वाचन आयोग द्वरा गठित जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति लगातार नजर रख रही है ताकि प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उम्मीदवारों द्वारा अपने-अपने पक्ष में प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापनों के साथ- साथ पेड न्यूज का भी गहनता से विश्लेषण किया जा सके।
 
      उपायुक्त आज यहां जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) की समीक्षा कर रहे थे। उन्होने स्थानीय केबल आपरेटर को निर्देश दिए कि वह जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं निगरानी समिति की लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की राजनैतिक अपील या विज्ञापन को प्रसारित न करें तथा समाचार पत्रों के संवाददाताओं से आग्रह किया कि वे भी उम्मीदवारों के पक्ष में समाचारों को ऐसे तरीके से प्रकाशित करने सह परहेज करें जो पेड न्यूज की श्रेणी में आते हो।
     उन्होने कहा कि पेड न्यूज से जुड़े किसी भी मामले को एमसीएमसी द्वारा संबंधित निर्वाचन अधिकारी की अगली कार्यवाही  के लिए प्रेषित किया जाएगा। पेड न्यूज के संबंध में एमसीएमसी से सूचना मिलने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी 96 घंटे की समायावधि में उम्मीदवार को नोटिस जारी करेंगे जबकि नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर संबंधित उम्मीदवार को नोटिस का जवाब देना होगा। यदि इस संबंध में उम्मीदवार नोटिस का जवाब नहीं देता है तो एमसीएमसी का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
     उन्होने कहा कि जिला स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय के खिलाफ राज्य स्तरीय एमसीएमसी में अपील की जा सकती है।  उन्होने कहा कि जिला में चुनाव लड रहे सभी उम्मीदवारों को प्रचार के लिए पोस्टर, पम्फलेट, हैंडबिल, होर्डिग्स, बैनर इत्यादि को इस्तेमाल करने से पहले जनप्रतिनिधत्व अधिनियम 1951 की धारा 127 ए के तहत जहां एमसीएमसी की अनुमति लेना अनिवार्य है वहीं प्रचार सामग्री में प्रिंटर व प्रकाशक का नाम प्रतियों सहित छपा होना भी अनिवार्य है।
      उन्होने कहा कि नियमों की अवहेलना होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों द्वारा प्रचार पर विभिन्न माध्यमों के अर्न्तगत विज्ञापनों इत्यादि  पर होने वाला सारा खर्च उम्मीदवार के चुनावी व्यय में जोडा जाएगा। उन्होने कहा कि चुनाव आयोग ने प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 28 लाख रूपये की चुनावी खर्चे की सीमा निर्धारित की है जिसके भीतर ही उम्मीदवाारों को चुनावी खर्चा करना होगा।
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