बद्दी (एमबीएम न्यूज़ ):  विश्वकर्मा जयंती पर बद्दी बरोटीवाला व नालागढ़ में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के उद्यमियों ने अपने – अपने कारखानों में सुबह सुबह साफ – सफाई की और मशीनों की विधिवत तौर पर पूजा अर्चना की। बद्दी के आटोमाबाईल उद्योग कोजी ऑटो में परपरांगत तरीके से हवन व यज्ञ का आयोजन किया गया और लघु उद्योग भारती हिमाचल प्रदेश के सीनीयर वाईस प्रैजीडेंट नेत्र प्रकाश कौशिक ने इस त्यौहार के महत्व पर प्रकाश डाला वहीं लॉज मोटर्स के निदेशक महेश कौशल ने श्रमिकों व स्टाफ बैठकर हवन में आहुतियां डाली। फ्रैंडस एलोयस बरोटीवाला में जीएम संजीव शर्मा ने पूजा अर्चना की।
      प्रदेश महामंत्री लघु उद्योग भारती राजीव कंसल ने बताया कि भारत देश में अनेको हिन्दू धर्म के त्यौहार मनाये जाते है उन्ही त्योहारो में से विश्वकर्मा भी एक बहुत प्रसिद्ध हिन्दू त्यौहार है जो की हर साल  धूमधाम से मनाया जाता है।  जैसा की हम सभी देखते है की आजकल हमारे देश में रेल से लेकर सुई तक खुद बडे बडे इंजीनयर की सहायता से बनाये जाते है तो क्या हमने कभी सोचा है की ये जो ब्रह्माण्ड है उसे  भी किसी ने बनाया ही होगा या किसी के द्वारा बनाया गया होंगा तो इसका जवाब हिन्दू धर्म में देवताओ के इंजीनयर यानि शिल्पकार देव भगवान विश्वकर्मा को माना जाता है।
      राजीव कंसल ने कहा कि पुराणों में वर्णित लेखों के अनुसार इस सृष्टि  की रचना आदिदेव  ब्रह्मा जी को माना जाता है विश्वकर्मा जी की सहायता से इस सृष्टि का निर्माण हुआ,  इसी कारण इन्हें आज के समय में देवताओ का इंजीनियर भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म शास्त्रो के अनुसार सबसे ब्रह्मा जी के पुत्र धर्म के सातवे संतान जिनका नाम वास्तु था विश्वकर्मा जी वास्तु के पुत्र थे जो अपने माता- पिता की भांति महान शिल्पकार हुए जिन्होंने इस सहरिश्तों  में अनेको प्रकार के निर्माण इन्ही के द्वारा हुआ। देवताओ का स्वर्ग हो या लंका के रावण की सोने की लंका हो या भगवान कृष्ण जी की द्वारिका और पांडवो की राजधानी हस्तिनापुर इन सभी राजधानियों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा  द्वारा की गयी है जो की वास्तु कला की अद्भुत मिशाल है।
       विश्वकर्मा जी को औजारों का देवता भी कहा जाता है महृषि दधीचि द्वारा दी गयी उनकी हड्डियों से ही ब्रज का निर्माण इन्होंने ही किया है जो की देवताओ के राजा इंद्र का प्रमुख हथियार है। प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नेत्र प्रकाश कौशिक ने कहा कि मान्यता है की विश्वकर्मा जी की पूजा करने से व्यापार में तरक्की होती है इसलिए इस दिन फैक्ट्री, कल कारखानों, हार्डवेयर की दुकानों में विश्वकर्मा पूजा बडे ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग जो मशीनों औजरों आदि से अपना काम करते है वे सुबह सबसे पहले अपने कल कारखानों की सफाई के साथ अपने मशीनों और औजारों की भी अच्छी तरह से साफ – सफाई किया जाता है फिर इसके बाद विश्वकर्मा भगवान की विधिवत पूजा की जाती है।
        हिमाचल दवा निर्माता उद्योग संघ के कार्यकारी प्रधान डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि इस दिन कल-कारखानो में बडे ही हर्सोल्लास के साथ भगवान विश्वकर्मा जी की मूर्ति स्थपित की जाती है कई सार्वजनकि जगहों पर भी विश्वकर्मा जी की मूर्ति स्थपित की जाती है। वैसे तो सभी त्योहारो का अपना महत्व है इसलिए आज के जमाने में जहाँ  विज्ञान अपने ज्ञान को श्रेष्ठ करने के लिए अनेको प्रयोग हो रहे है ऐसे में विश्वकर्मा जी के बिना आशीर्वाद के बिना कुछ भी स भव नही है। इसलिए विश्वकर्मा पूजा का आज के जमाने में भी उतना महत्व है और ऐसी मान्यता है की विश्वकर्मा जी की पूजा करने से हमारे व्यापार में उन्नति और घर में धन्य धान्य से परिपूर्ण होता है।
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