हमीरपुर(एमबीएम न्यूज़ ):  नेता प्रति पक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार का अब अंतिम समय चल रहा है। इस दौरान दान पुण्य नहीं बल्कि सरकार द्वारा अब तक किए गए काम ही साथ देगे। लेकिन सरकार काम करवाने में विफल रही है। बड़स विस क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान  प्रो0 धूमल ने कहा कि अंतिम समय में सरकार नकली नोटों और नकली वोटों का दान-पुण्य कर रही है। नकली घोषणा,.शिलान्यास जो मात्र वोटों के लिए किये जा रहे हैं।  करने वाले भी जानते हैं की इनका कभी निर्माण नहीं होगा । क्यूंकि इन कार्यों के लिए बजट नहीं है,  पैसा नहीं है।
       कोई डीपीआर नहीं बनी है।  यह प्रोजेक्ट्स कभी सिरे नहीं चढ़ा करते।  न उनको अपने काम पर विश्वास है और न प्रदेश के आम नागरिक को यह विशवास है की कुछ काम हो रहा है।  लोग मजाक उड़ा रहे है ।  प्रो0 धूमल ने कहा की अंतिम समय में सरकार द्वारा किये जा रहे दान-पुण्य का कोई लाभ कांग्रेस पार्टी को नहीं मिलेगा।  जो केवल दिखावे के लिए घोषणाएं की हैं वह लागू नहीं होंगी। नई सरकार में लोगों के हित के मुताबिक जो काम जिस के लिए आवश्यक होगा वही काम होगा। भाजपा की सरकार जो काम जरुरी होगा वही कहेगी और पांच साल के भीतर पूरा भी कर के दिखायेगी।
प्रदेश में वन माफिया सक्रिय..
प्रो0 धूमल ने कहा की हम वन माफिया की बात करते थे तारादेवी के जंगल से 477 देवदार के पेड़ कटे थे। धर्मशाला के विस सत्र में कहा की जांच करेंगे और बाद में यह कह कर जांच बंद कर दी की वहां पेड़ नहीं झाडिय़ाँ थी।  हम धन्यवादी है नॅशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के जिन्होंने एक करोड़ सोलह लाख रूपया का जुर्माना और चार हजार स्तहतर पेड़ लगाने का आदेश सरकार को किया है।  यह पुष्टि है इस बात की प्रदेश में वन माफिया है।   प्रदेश में एक फौरेस्ट गार्ड को जिसकी सिर्फ  तीन महीने की सर्विस हुई थी को मार दिया गया और उसे आत्महत्या का नाम दिया गया।
चोर को ही नहीं बल्कि चोर की माँ को भी पकड़ो..
प्रदेश के पुलिस के लोग आज खुद कानून की गिरफ्त में हैं यह अलग बात है उनको वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है।   एक आईजी लेवल का है क्या आईजी अधिकारी किसी के कहे बगैर ऐसा काम करेगा।  हम सीबीआई से मांग करते हैं की वह पता करे की पुलिस ने किसके अनुसार काम किया।  जांच वहां तक जानी चाहिए।  चोर को ही नहीं बल्कि चोर की माँ को भी पकड़ो। धूमल ने कहा कि   बाहर से लोग हिमाचल घुमने आते थे तो देवी देवताओं के दर्शन को आते थे।  वादियों में स्वास्थ्य लाभ को आते थे, अध्यात्मिक संतुष्टि करने को आते थे, देवभूमि साथ में वीरभूमि भी है तो वीरों की धरती को नमन करने आते थे आज हिमाचल से बहार जाते ही लोग कहते हैं की आप वहां से हैं जहां से नशे का कारोबार फैला हुआ है और दूसरी जगह पहुँच रहा है।
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