बिलासपुर (अभिषेक मिश्रा) : जुखाला में आयोजित जिला स्तरीय सायर मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में खूब धमाल मचा मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या इंडियन आइडल कृतिका तनवर के नाम रही । कृतिका तनवर ने हिंदी पहाड़ी और पंजाबी गीत गाकर लोगो का मनोरंजन किया वहीँ  सारेगामापा फेम सुनील चौहान ने भी दर्शको से खूब वाहवाही लुटी। मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में कांग्रेस नेता अधिवक्ता भगत सिंह वर्मा ने बतौर मुख्यतिथि शिरकत कर दीप प्रज्वलित कर मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ किया । 
      भगत सिंह वर्मा ने मेला समिति को मेले के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाए दी। भगत सिंह वर्मा ने मंडी सुकेत के राजा पर बने गीत चम्बे बटुरुए री छाँव गीत गाकर सभी को मन्त्र मुघद कर दिया । मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में लोगो का खूब हजूम उमड़ा और मेला समिति द्वारा लगाईं गई सारी कुर्सियां और पंडाल भर गया जिसके बाद दर्शको ने सड़क में खड़े होकर मेले का लुत्फ़ उठाया । मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में लोगो की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए दस हजार का आंकड़ा पार कर दिया और मेले के समापन पर सभी दर्शक झूमते हुए घर को गये।
        मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में कृतिका तंवर ने मिले हो तुम मुझे बड़े नसीबो से , कजरा मोहब्बत वाला , कजरा रे कजरा रे , शंकर कैलाश के राजा , खाना पीना गम्बरीए , किना लाई मेरे लोंगा , प्यार बुलया इरशद मेरा , घुटक घुटक जुगनी , चिटा तेरा चोला काला डोरा , आपकी नजरो ने समझा प्यार के काबिल इत्यादि गीत प्रस्तुत किये जिसके बाद सुनील और कृतिका ने डयूट मैं तो एमें एमें ही लुट गया , उह लाला उह लाला , साहिबा रिए बीबीए , नीरू चली घुमदी , तेरे देश दा , इक आधिया मंगवाई जा रे , नीलिमा नीलिमा , रोहडू जाना मेरी आमिए , लच्छी लच्छी लोक गलांदे , चंबा आर नदिया पार , बालमा तू बड़ा ओ है , बोतल रह गई ठेके , माटी रा छड्लू इत्यादि गीत गाकर दर्शको का मनोरंजन किया ।
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