रिकांगपिओ ( जीता सिंह नेगी ): जिला की पर्यटन क्षेत्र सागंला मे आयोजित तीन दिवसीय सागंला घाटी उत्सव का शुभारंभ उपयुक्त  नरेश कुमार लठ ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। इस अवसर पर उपयुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया । उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मेले और त्यौहार हमारी समृद्ध प्राचीन संस्कृति के परिचायक होते है इस लिए इन का आयोजन समय- समय पर होते रहना चाहिए।

        इस उत्सव में किन्नौरी व्यंजन का भी स्टॉल लगाई गई । देशी विदेशी पर्यटको ने किन्नौरी व्यजंन का खूब आन्नद लिया। इस उत्सव में जिलास्तर पर कई खेलकूद प्रतियोगिताओ का भी आयोजन किया जा रहा है।  बाक्सिंग प्रतियोगिता को भी शमिल किया गया। इस प्रतियोगिता में जिला के विभिन्न स्कूलों की कई प्रतिभागी भाग ले रहे हैं ।

        खेेल कूद प्रतियोगिता के अतिरिक्त जिला के विभिन्न क्षेत्रो से आए संस्कृतिक कार्यक्रमो के अलावा लोक नृत्य, एकल गान,वाद्य यंत्र प्रतियोगिता शमिल की गई है। इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष ए्वं एसडीएम कल्पा डा० मेजर विशाल शर्मा ने मुख्य अथिति तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया व उन्हे सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों सहित सरकारी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा सांगला घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से आए जन प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

        संस्कृति से रूबरू कराना पर्यटन को बढावा देने के उदेश्य से आयोजित सांगला घाटी उत्सव हरद वर्ष मनाया जाता है। इस उत्सव का मकसद देशी – विदेशी पर्यटको को जिला के संस्कृति व खानपान से रूबरू कराना है। पर्यटको ने लिया किन्नौरी व्यंजन का आन्नद उत्सव के पहले दिन पयर्टको ने क्षेत्र के संस्कृतिक कार्यक्रमो का आन्नद लिया वही स्थानीय उत्पाद से बना किन्नौरी व्यजंनो के  भी चटकारे लिए। पहले दिन सांगला घाटी के लगभग 10 स्कूलों, आंगनवाडी केन्द्र तथा स्थानीय लोक कलाकारो द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई ।

      लोगो ने जानकारी हासिल की विभिन्न विभागो की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों मे जाकर भी स्थानीय लोगों ने जानकारी हासिल की। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा प्रतिश्वरी देवी, सांगला मेला कमेटी सचिव एवं तहसीलदार दलीप कुमार तथा सांगला घाटी के समस्त पंचायतों के प्रधान भी उपस्थित थे ।

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