मंडी (वी. कुमार): हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री एनआर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का चेहरा कर्मचारी व मजदूर विरोधी है। पिछले साढ़े तीन सालों में सरकार ने सिवाए कर्मचारी व मजदूरों के उत्पीडऩ के कुछ नहीं किया। जिन संयुक्त सलाहकार समिति की बैठकों के माध्यम से कर्मचारियों की ढेरों समस्याओं का समाधान होता था, उन बैठकों को सरकार ने प्रदेश से खंड स्तर तक आयोजित करना ही छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज ऐसा माहौल बन गया है, मानों प्रदेश में कर्मचारियों की समस्या सुनने वाला कोई है ही नहीं। ढेरों समस्याएं आज बिना किसी निराकरण के जस की तस पड़ी हैं। जो वायदे कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों व मजदूरों से किए थे, वे केवल चुनावी वायदे ही साबित हुए। कांग्रेस पार्टी ने 4-9-14 देने का वायदा 2006 से किया था लेकिन सत्ता में आते ही सरकार अपने वायदे से मुकर गई। इन साढ़े तीन वर्षों में हजारों की सख्या में कर्मचारियो के तबादले किए गए। सरकार की बदला-बदली निति के कारण कर्मचारियों का भारी आर्थिक व मानसिक उत्पीडऩ हुआ है। आज जो कर्मचारी संगठन अपनी जायज मांगों के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाते हैं, उनके आंदोलन को  कुचलने का प्रयास सरकार करती है। राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलना और तीस से अधिक कर्मचारी नेताओं की बर्खास्तगी सरकार की कर्मचारी विरोधी सोच को दर्शाता है। ठाकुर ने कहा कि जब सरकार उचित मांगों की ओर ध्यान नहीं देती तो कर्मचारियों के पास हड़ताल के सिवाय कोई विकल्प नहीं रह जाता। हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महांसघ परिवहन कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करता है। ठाकुर ने सरकार से परिवहन कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र वार्ता और बर्खास्त किए कर्मचारियों को बहाल करके सघर्ष को तुरंत समाप्त करवाने की मांग की है।
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